इसलिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को 1 टन प्याज उपहार में दिया जाएगा, जानें पूरा मामला

इसलिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को 1 टन प्याज उपहार में दिया जाएगा, जानें पूरा मामला

देश में प्याज के भाव को लेकर किसान भाई लगभग 3-4 महीने से परेशान चल रहे हैं क्योंकि उन्हें प्याज का सही दाम नही मिल रहा है। प्याज उत्पादन में जितना खर्च किया गया हैं उस खर्च से भी बहुत कम प्याज का दाम मिल रहा हैं और मजबूरी में कम दामों पर उन्हें बेचना भी पड़ रहा है। प्याज भाव को लेकर केंद्र सरकार ने अभी तक कोई भी समाधान नहीं निकाला हैं। जिसके लिए महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संगठन ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से दिल्ली में मुलाकात की और उन्हें 1 टन प्याज उपहार देने का निर्णय लिया हैं।

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संगठन के अध्यक्ष भारत दिघोले जी ने बताया कि पूरे विश्व में चीन के बाद भारत में सबसे ज्यादा प्याज का उत्पादन होता हैं और इतना ही नहीं भारत के महाराष्ट्र राज्य में सबसे ज़्यादा प्याज लगाया जाता हैं। महाराष्ट्र के नासिक जिलें के गांव लासलगांव में एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी भी हैं। उन्होंने कहा कि अगर नासिक जिले के किसान को ही प्याज का सही भाव नहीं मिल रहा है तो फिर क्या कहा जाए।

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केंद्र सरकार सीमा लगाकर और व्यापारियों पर छापा मारकर प्याज को बाजार मूल्य से नीचे लाने का काम कर रही हैं और ऐसे ही केंद्र सरकार प्याज के बाजार मूल्य को कम करने पर लगी हुई हैं। महाराष्ट्र कांदा उत्पादक संगठन ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति से प्याज के घटते भाव को लेकर विरोध करते हुए नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी को 1 टन प्याज देने का निर्णय लिया हैं। संगठन का कहना है कि विश्व को महाशक्ति बनाने का सपना देखने वाले हमारे देश के बड़े बड़े उद्योगों के साथ-साथ कृषि की आर्थिक समृद्धि का होना भी बहुत ही जरूरी हैं। तभी भारत देश विकासशील देश और विकसित देश बनेगा और कृषि क्षेत्र में लगातार हो रहा नुकसान से किसान रोज़ाना कर्जदार बनते जा रहे हैं और किसानों की आत्महत्या हर साल बढ़ती चली जा रही है।

देश में प्याज की ज़रूरतों को पूरा कैसे कर कर रहें

महाराष्ट्र कांदा उत्पादक संगठन का कहना है कि देश में बढ़ती महंगाई के साथ – साथ कृषि उपकरणों, ईंधन, खाद, दवा, बीज और मजदूरी की कीमत में वृद्धि के कारण प्याज के उत्पादन लागत बहुत तेजी के साथ बढ़ है और देश में बड़ी मात्रा में पैदा किया जाता है। कभी कभी सूखा तो कभी कभी बारिश और कई बड़े संकटों का सामना करते हुए देश में हमारे किसान भाइयों के द्वारा प्याज की ज़रूरतों को पूरा करने का काम किया जाता हैं। 130 से 133 करोड़ की आबादी वाले हमारे भारत देश में प्याज उत्पादकों के भरोसे ही देश आत्मनिर्भर बना हैं।

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किसान भाई दिन प्रतिदिन कर्जदार होते जा रहे हैं

कुछ अपवाद को छोड़ दिया जाए तो देश के किसान आज अपनी फसल में जितनी लागत लगाते हैं उससे वह उतना भी नहीं निकाल पाते और किसान दिन प्रतिदिन कर्जदार बनते जा रहे हैं। केंद्र सरकार को वैश्विक स्तर पर भारतीय किसानों के लिए नियमित बाजार की व्यवस्था करनी चाहिए और देश में प्याज का एक न्यूनतम मूल्य तय करना चाहिए। ताकि किसान भाइयों को एक स्थाई रूप से लाभ मिल सकें। महाराष्ट्र किसान संगठन के अध्यक्ष भारत दिघोले जी ने जानकारी दी कि किसान संघ के नेतृत्व में एक प्रति मंडल ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से मुलाकात की और प्याज के लिए एक न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की गुजारिश की है।

प्याज में अच्छे भाव के लिए हर एक संभव कदम उठाया जा रहा हैं। आप सभी किसान भाइयों को ये लेख कैसे लगा और अगर आपकी कोई राय हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें। इस लेख को अधिक से अधिक किसान भाइयों तक शेयर ज़रूर करें, धन्यवाद।

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